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अबू धाबी / नई दिल्ली:
फ्लाईदुबई (Flydubai) विमान FZ1073 के कॉकपिट में सह-पायलट द्वारा किए गए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुए भारतीय कैप्टन स्मित माच्छर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर बात की। पीएम मोदी ने अस्पताल के बिस्तर से बात कर रहे कैप्टन स्मित के अदम्य साहस, धैर्य और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना करते हुए उन्हें पूरे देश का गौरव बताया।
कॉकपिट में क्या हुआ था? (कैप्टन की जुबानी)
वीडियो कॉल के दौरान भावुक हुए मूल रूप से गुजरात के रहने वाले कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी को उस खौफनाक मंजर की दास्तां सुनाई:
* अचानक हुआ हमला: दुबई से इजरायल (तेल अवीव) जा रही फ्लाइट में ओमान के रहने वाले को-पायलट ने अचानक उन पर चाकू से हमला कर दिया। [3]
* नीचे गिरने लगा था विमान: हमले के कारण विमान कुछ ही सेकंड में तेजी से नीचे की ओर (गोता खाने) जाने लगा था।
* आखिरी कोशिश: कैप्टन स्मित ने बताया, "मैं खून से लथपथ फर्श पर गिरा हुआ था और वह मुझ पर लगातार वार कर रहा था। मुझे महसूस हो गया था कि विमान क्रैश होने वाला है। मैंने खुद से कहा कि यह मेरी आखिरी कोशिश होगी और मैंने किसी तरह अंदर से कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।"
* बच गई यात्रियों की जान: दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और यात्रियों ने अंदर आकर हमलावर को-पायलट को काबू किया, जिसके बाद फ्लाइट में मौजूद दूसरे ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मदद से विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंड कराया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित की बहादुरी को सलाम करते हुए कहा:
"आपकी हिम्मत और सूझबूझ ने फ्रैक्शन ऑफ सेकंड (पलक झपकते ही) में इतने बड़े फैसले लिए और सैकड़ों लोगों की जान बचाई। आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले नहीं, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं। आपके लिए देशभर में महामृत्युंजय का जाप और प्रार्थनाएं चल रही हैं।"
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित काफी भावुक हो गए और रो पड़े। उन्होंने बताया कि संकट के उस बेहद कठिन समय में वह मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे, जिसने उन्हें अंतिम क्षण तक लड़ने की मानसिक शक्ति दी। इस पर पीएम मोदी ने उनके माता-पिता (गीता बहन और भूपेंद्र भाई) के संस्कारों को भी प्रणाम किया। [7, 8, 13]
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) और यूएई में भारतीय दूतावास के अनुसार, शुरुआती इलाज सऊदी अरब में मिलने के बाद कैप्टन स्मित को अब अबू धाबी स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है और वे बेहतरीन मेडिकल केयर में हैं। कैप्टन ने बेहद सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द पूरी तरह ठीक होकर दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौटने के लिए आश्वस्त हैं।
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